Press ID Card India: भारत में Press ID Card कैसे बनवाएं? पूरी जानकारी

भाषा चुनें / Language:

भारत में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। ग्राउंड पर काम करने वाले हर सच्चे पत्रकार के लिए एक वैध पहचान पत्र उसकी सुरक्षा कवच का काम करता है। लेकिन अक्सर नए पत्रकारों और डिजिटल मीडिया संपादकों के मन में यह सवाल होता है कि Press ID Card India में बनवाने की सही कानूनी और व्यावहारिक प्रक्रिया क्या है?

भारत में सबसे भरोसेमंद प्रेस कार्ड सिस्टम!
Google Play Store से हमारा ऑफिशियल ऐप डाउनलोड करें और पाएं 3 Days Free Trial। बिना ग्राफिक डिज़ाइनर के बनाएं लाइव QR-Verified कार्ड।

भारत में प्रेस कार्ड बनवाने के लिए अनिवार्य पात्रता (Eligibility)

1. पंजीकृत मीडिया संगठन

अखबार के लिए RNI रजिस्ट्रेशन, और डिजिटल न्यूज़ पोर्टल / यूट्यूब चैनल के लिए MSME Udyam या MCA कंपनी रजिस्ट्रेशन आवश्यक है।

2. संस्था का ऑथराइजेशन लेटर

संपादक या पब्लिशर द्वारा जारी किया गया नियुक्ति पत्र जिसमें कार्यक्षेत्र (Beat) और पदनाम स्पष्ट रूप से दर्ज हो।

3. व्यक्तिगत पहचान सत्यापन

पत्रकार का वैध आधार कार्ड और पुलिस चरित्र सत्यापन (Police Verification Record) जो उसकी बेदाग छवि को प्रमाणित करे।

Official Indian Press Card Format (Standard CR80)
Dainik Lok Samachar
PRESS / मीडिया
संजय दत्त भारद्वाज
ब्यूरो चीफ (State Bureau Chief)
Card ID: DLS-2026-0319
Blood Group: A+ Positive
Jurisdiction: Delhi NCR

भारत में प्रेस कार्ड बनवाने के 3 कानूनी रास्ते

1
रास्ता 1: किसी स्थापित न्यूज़ चैनल या पोर्टल से जुड़ें
किसी भी रजिस्टर्ड अखबार, टीवी चैनल या डिजिटल पोर्टल में स्ट्रिंगर, रिपोर्टर या कैमरामैन के रूप में कार्य करें; संस्थान आपको अधिकृत प्रेस कार्ड देगा।
2
रास्ता 2: अपना खुद का डिजिटल न्यूज़ पोर्टल रजिस्टर करें
MSME Udyam में न्यूज़ पोर्टल रजिस्टर करें, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) की डिजिटल मीडिया आचार संहिता का पालन करें और अपनी टीम को कार्ड जारी करें।
3
रास्ता 3: राज्य सूचना विभाग (DIPR / PIB) एक्रेडिटेशन लें
नियमित रूप से 5 साल तक मुख्यधारा पत्रकारिता करने के बाद सरकारी एक्रेडिटेशन के लिए आवेदन करें।

क्या आपका न्यूज़ पोर्टल भारत में पंजीकृत है?

अपने रिपोर्टर्स को दें लाइव QR-वेरिफाइड प्रेस कार्ड्स, अथॉरिटी लेटर और व्हीकल पास। PressIDCard.in पर 3-Day Free Trial आज ही शुरू करें!

अभी 3 Days Free Trial लें Play Store App से बनाएं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
क्या भारत में प्रेस कार्ड धारक को टोल टैक्स में छूट मिलती है?
नहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नियमों के अनुसार प्रेस आईडी कार्ड धारकों को टोल टैक्स में कोई वैधानिक छूट नहीं मिलती है।
क्या गाड़ी पर PRESS लिखना कानूनी रूप से वैध है?
गाड़ी पर 'PRESS' केवल तभी लिखा जा सकता है जब वाहन का उपयोग पंजीकृत मीडिया संस्था के आधिकारिक रिपोर्टिंग कार्यों के लिए किया जा रहा हो और ड्राइवर के पास वैध प्रेस कार्ड व ड्यूटी असाइनमेंट लेटर मौजूद हो।
भारत के आधुनिक मीडिया नेटवर्क से जुड़ें!
अपने संगठन के लिए सुरक्षित, लाइव क्यूआर और क्लाउड बैकअप वाले प्रेस कार्ड्स बनाएं। 3-Day Free Trial आज ही शुरू करें।

भारतीय प्रेस नियमों और कानूनी प्रावधानों का अनुपालन

भारत में press id card india जारी करने वाले प्रत्येक मीडिया हाउस को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सम्मान करना चाहिए। फर्जी या अनाधिकृत प्रेस कार्ड बनाना कानूनन जुर्म है। एक प्रामाणिक प्रेस कार्ड में संस्था का पंजीकृत नाम, संपादक के हस्ताक्षर और क्लाउड-वेरिफाइड क्यूआर कोड होना अनिवार्य है जिससे फील्ड में रिपोर्टिंग करते समय सुरक्षा बलों के साथ पूरा समन्वय बना रहे।

P
PressIDCard Editorial Team
Authoritative Legal & Media Credentialing Guides for India
Share on WhatsApp
Official Portal Support

Need Help with Channel Registration or ID Verification?

Join over 500+ news channels and publications across India issuing verified credentials safely.

Register Channel Verify ID Card